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#श्रीमद्भागबतम् #🙏भक्ती सुविचार📝 #🙏शिर्डी साई बाबा #🙏सरस्वती देवी🙏 #🌼 जय श्री कृष्ण @ShareChat Gujarati @ShareChat ਪੰਜਾਬੀ @क्रियेटर कट्टा🙌 @షేర్‌చాట్ క్రియేటర్స్ ప్రోగ్రాం @શેરચેટ ક્રિએટર પ્રોગ્રામ
श्रीमद्भागबतम् - का वा सहेत विरहं पुरुषोत्तमस्य प्रेमावलोकरुचिरस्मितवल्गुजल्यैः स्थैर्यं समानमहरन्मधुमानिनीनां रोमोत्सवो मम यदङ्घ्रिविटङ्कितायाः II ३५ II ka va saheta viraham purusottamasya premavaloka-rucira-smita-valgu-jalpaih sthairyam samanam aharan madhu-manininam romotsavo mama अतएव ऐसा कौन है, जो उन पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान् के विरह की व्यथा को सह सकता है? वे अपनी प्रेमभरी मीठी मुस्कान , सुहावनी चितवन तथा मीठी मीठी बातों से सत्यभामा जैसी प्रियतमाओं की गम्भीरता तथा प्रणय क्रोध (हाव-भाव) को जीतनेवाले थे। जब वे मेरी (पृथ्वी सतह पर चलते थे, तो मैं उनके चरणकमल की धूल में धँस जाती थी और फिर घास से आच्छादित हो जाती थी, जो हर्ष से उत्पन्न मेरे शरीर पर रोमांच जैसा था। का वा सहेत विरहं पुरुषोत्तमस्य प्रेमावलोकरुचिरस्मितवल्गुजल्यैः स्थैर्यं समानमहरन्मधुमानिनीनां रोमोत्सवो मम यदङ्घ्रिविटङ्कितायाः II ३५ II ka va saheta viraham purusottamasya premavaloka-rucira-smita-valgu-jalpaih sthairyam samanam aharan madhu-manininam romotsavo mama अतएव ऐसा कौन है, जो उन पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान् के विरह की व्यथा को सह सकता है? वे अपनी प्रेमभरी मीठी मुस्कान , सुहावनी चितवन तथा मीठी मीठी बातों से सत्यभामा जैसी प्रियतमाओं की गम्भीरता तथा प्रणय क्रोध (हाव-भाव) को जीतनेवाले थे। जब वे मेरी (पृथ्वी सतह पर चलते थे, तो मैं उनके चरणकमल की धूल में धँस जाती थी और फिर घास से आच्छादित हो जाती थी, जो हर्ष से उत्पन्न मेरे शरीर पर रोमांच जैसा था। - ShareChat