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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #🙏सुविचार📿 #🙏 प्रेरणादायक विचार #🌙रात की शायरी✍ #🙏राम राम जी
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - कुछ गहरा सा लिखना था, "इश्क" से ज्यादा क्या लिखूं। कुछ ठहरा सा लिखना था, "दर्द" से ज्यादा क्या लिखूं। कुछ समन्दर सा लिखना था, " आँसू" लिखूं। से ज्यादा क्या सुनो अब जिन्दगी लिखनी है, fr "तुमसे" ज्यादा और क्या Goodnight कुछ गहरा सा लिखना था, "इश्क" से ज्यादा क्या लिखूं। कुछ ठहरा सा लिखना था, "दर्द" से ज्यादा क्या लिखूं। कुछ समन्दर सा लिखना था, " आँसू" लिखूं। से ज्यादा क्या सुनो अब जिन्दगी लिखनी है, fr "तुमसे" ज्यादा और क्या Goodnight - ShareChat