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भारतीय किसान यूनियन तोमर - राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर #भारतीय किसान यूनियन तोमर #kissan ekta jindabad,,, #BKUTOMAR #🗞समाचार एवम न्यूज़ पेपर क्लिप 📰 #समाचार एवम न्यूज़ पेपर क्लिप 📰🗞
भारतीय किसान यूनियन तोमर - किसानों की अनदेखी बजट २०२६ 4 भाकियू 7 ने जताई नाराजगी पर  करते हुएभाकियू तोमर  मुज़फ्फरनगर, (पंजाब केसरी) परचिंता व्यक्त केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मांग की है देते हुए किःखेती में इस्तेमाल होने वाले खाद २०२६ पर प्रतिक्रिया भारतोय और बीज पर किसानों को कम से कम किसान  यूनियन (तोमर) ने इसे निराशाजनक बताया है। यूनियन के की छूट  50% मिलनी चाहिए। बढ़ती महंगाई के अनुपात में कृषि उपकरणों राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर ने कहा कि इस बजट में सरकार का और कीटनाशकों के दाम कम किए उद्योगपतियों को लाभ जाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई और পূয ध्यान बिजली की समस्याओं के समाधान जबकि देश के पहुँचाने पर   रहा, ক লিব নিহী৭ ২ अन्नदाता को एक बार फिर हाशिए নমো iजको पर धकेल दिया गया है। फसलों और घरानों सरकार केवल क एमएसपी पर चुप्पी बढ़ावा दे रही है।य चौधरी संजोव নীত মো नहीं हुआ और प तोमर ने मुजफ्फरनगर में जारी एक दाम तय नहीं हुए, बयान में कहा कि बजट भाषण में तो किसा पर उतरने  किसानों की फसलों के लाभकारी को मजबूर होगा।  मूल्य को लेकर कोई ठोस चर्चा नहीं हुई। उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा, किसान लंबे समय से (न्यूनतम समर्थन मूल्य ) गारंटी कानून को मांग कर रहे हैं॰ लेकिन सरकार ने इस पर चुप्पी साधे रखी है। बिना  कानूनी गारंटी के किसानों का शोषण जारी रहेगा | किसानों की बढ़ती लागत किसानों की अनदेखी बजट २०२६ 4 भाकियू 7 ने जताई नाराजगी पर  करते हुएभाकियू तोमर  मुज़फ्फरनगर, (पंजाब केसरी) परचिंता व्यक्त केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मांग की है देते हुए किःखेती में इस्तेमाल होने वाले खाद २०२६ पर प्रतिक्रिया भारतोय और बीज पर किसानों को कम से कम किसान  यूनियन (तोमर) ने इसे निराशाजनक बताया है। यूनियन के की छूट  50% मिलनी चाहिए। बढ़ती महंगाई के अनुपात में कृषि उपकरणों राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर ने कहा कि इस बजट में सरकार का और कीटनाशकों के दाम कम किए उद्योगपतियों को लाभ जाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई और পূয ध्यान बिजली की समस्याओं के समाधान जबकि देश के पहुँचाने पर   रहा, ক লিব নিহী৭ ২ अन्नदाता को एक बार फिर हाशिए নমো iजको पर धकेल दिया गया है। फसलों और घरानों सरकार केवल क एमएसपी पर चुप्पी बढ़ावा दे रही है।य चौधरी संजोव নীত মো नहीं हुआ और प तोमर ने मुजफ्फरनगर में जारी एक दाम तय नहीं हुए, बयान में कहा कि बजट भाषण में तो किसा पर उतरने  किसानों की फसलों के लाभकारी को मजबूर होगा।  मूल्य को लेकर कोई ठोस चर्चा नहीं हुई। उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा, किसान लंबे समय से (न्यूनतम समर्थन मूल्य ) गारंटी कानून को मांग कर रहे हैं॰ लेकिन सरकार ने इस पर चुप्पी साधे रखी है। बिना  कानूनी गारंटी के किसानों का शोषण जारी रहेगा | किसानों की बढ़ती लागत - ShareChat