कुछ लोग सच्चे कलाकार होते हैं उनमें आर्ट कूट-कूट कर भरी होती है। ऐसे ही म्यूजिशियन थे मनोहारी सिंह। यूँ तो उन्हें सैक्सोफोन के लिए जाना जाता है मगर उन्हें कई विंड इंस्ट्रूमेंट बजाने में महारत हासिल थी। बाँसुरी, शहनाई, मेंडोलिन, पिकोलो और फ़िल्म शोले में और कटी पतंग के गाने ‘ये शाम मस्तानी’ की शुरुआत में की गई विस्लिंग भी उन्हीं का कमाल है।
#🎸Instrumental म्यूज़िक परफॉरमेंस🎤
#😍फेवरेट हिंदी सॉन्ग🎶 #🎵जितनी दफा देखूं तुझे🎶
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