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#तुलसी दास तुलसी दास कबीर #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #🙏कर्म क्या है❓ #जय सेवा जय बड़ादेव
तुलसी दास तुलसी दास कबीर - 35 मूर्ख को सीख एक जंगल में एक पेड़ पर गौरैया का घोंसला था। कड़ाके की ठंड पड़ रही थी। ठंड से कांपते बंदरों ने आग तापने की सोची | एक बंदर ने सूखी पत्तियां इकट्ठी कीं। तभी एक बंदर को उड़ता हुआ जुगनू दिखा। उसने समझा चिंगारी है और उसे पकड़कर ढेर में रखकर फूंक मारने लगे। गौरैया ने समझायाः EF इससे आग नहीं ४भाइयो, यह चिंगारी नहीं , जुगनू है। दो पत्थरों को टकराकर या लकड़ियों सुलगेगी। को रगड़कर आग जलाओ। " बंदरों को गुस्सा आया। L7 5 एक क्रोधी बंदर ने गौरैया को पकड़कर मार डाला। सीख : मूर्ख व्यक्ति को सलाह देना व्यर्थ है, इससे अपना ही नुकसान हो सकता है। हमारे पेज से जुड़ने के लिए फॉलो करना न भूलें L7 L  35 मूर्ख को सीख एक जंगल में एक पेड़ पर गौरैया का घोंसला था। कड़ाके की ठंड पड़ रही थी। ठंड से कांपते बंदरों ने आग तापने की सोची | एक बंदर ने सूखी पत्तियां इकट्ठी कीं। तभी एक बंदर को उड़ता हुआ जुगनू दिखा। उसने समझा चिंगारी है और उसे पकड़कर ढेर में रखकर फूंक मारने लगे। गौरैया ने समझायाः EF इससे आग नहीं ४भाइयो, यह चिंगारी नहीं , जुगनू है। दो पत्थरों को टकराकर या लकड़ियों सुलगेगी। को रगड़कर आग जलाओ। " बंदरों को गुस्सा आया। L7 5 एक क्रोधी बंदर ने गौरैया को पकड़कर मार डाला। सीख : मूर्ख व्यक्ति को सलाह देना व्यर्थ है, इससे अपना ही नुकसान हो सकता है। हमारे पेज से जुड़ने के लिए फॉलो करना न भूलें L7 L - ShareChat