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#sat saheb ji 🙏
sat saheb ji - पवित्र ऋग्वेद मण्डल १० सूक्त Fada ९० मंत्र १६ में॰ सामवेद श्लोक सख्या ८२२ तथा श्रीमद्गवद गीता अध्याय १७ श्लोक २३ में है कि पूर्ण संत (तत्वदर्शी संत) तीन मंत्र ओओम त सत जिनमें तत् तथा सत् सांकेतिक है) दे कर पूर्ण परमात्मा (आदि पुरुष) की भक्ति करवा कर जीव को काल जाल से गुक्त करवाता है। सिर्फ संत रामपाल जी महाराज ही वह तीन मंत्र का रहस्य और सुमिरन की विधि नाम दीक्षा में दे रहे हे। बोधः परम संत का १७ फखरी को दिवसह पवित्र ऋग्वेद मण्डल १० सूक्त Fada ९० मंत्र १६ में॰ सामवेद श्लोक सख्या ८२२ तथा श्रीमद्गवद गीता अध्याय १७ श्लोक २३ में है कि पूर्ण संत (तत्वदर्शी संत) तीन मंत्र ओओम त सत जिनमें तत् तथा सत् सांकेतिक है) दे कर पूर्ण परमात्मा (आदि पुरुष) की भक्ति करवा कर जीव को काल जाल से गुक्त करवाता है। सिर्फ संत रामपाल जी महाराज ही वह तीन मंत्र का रहस्य और सुमिरन की विधि नाम दीक्षा में दे रहे हे। बोधः परम संत का १७ फखरी को दिवसह - ShareChat