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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - वक़्त की रेत हाथों से कुछ यूँ फिसल गई.. जिंदगी जिंदगी समझे जब तक, 1 निकल गई..!! वक़्त की रेत हाथों से कुछ यूँ फिसल गई.. जिंदगी जिंदगी समझे जब तक, 1 निकल गई..!! - ShareChat