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#❤️जीवन की सीख #🌞 Good Morning🌞 #💓 मोहब्बत दिल से #👍 डर के आगे जीत👌
❤️जीवन की सीख - एक माँ का न जाने कितनी बार अपनी से मन ऊब जाता है गृहस्थी कभी अपमान से, कभी अकेलेपन से मगर फिरभी वह उसी घर में टिकी रहती है। पता है क्यों? क्योंकि वह माँ है. वह जानती है कि जिस दिन वह वहाँ से चली गई उस दिन उसके बच्चों की ढाल भी चली जाएगी वह अपना टूटना छुपा लेती है टूटने नहीं देती पर बच्चों का बचपन 22 एक माँ का न जाने कितनी बार अपनी से मन ऊब जाता है गृहस्थी कभी अपमान से, कभी अकेलेपन से मगर फिरभी वह उसी घर में टिकी रहती है। पता है क्यों? क्योंकि वह माँ है. वह जानती है कि जिस दिन वह वहाँ से चली गई उस दिन उसके बच्चों की ढाल भी चली जाएगी वह अपना टूटना छुपा लेती है टूटने नहीं देती पर बच्चों का बचपन 22 - ShareChat