#सत भक्ति संदेश
अरबों में खरा
संत गरीबदास जी ने 'झूमकरा' के अंग में, कहा है किः-
कोट्यों मध्य कोई नहीं रै झूमकरा, अरबों में कोई गरक सुनो रै झूमकरा ।।
तत्वभेद को जानने वाला करोड़ों में नहीं मिलेगा, पूर्ण संत तो अरबों में मिलेगा जो तत्वज्ञान व भक्ति में गरक होगा।


