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#✒ शायरी #⏳शब्द से शायरी: वक़्त #💌शायरी के डायरी📚 #💌शब्द से शायरी-मोहब्बत #💞शायराना इश्क़🥰
✒ शायरी - १७ दिसंबर लौटा जब वो बिना जुर्म के सजा काट कर उसने घर आकर सारे परिंदे रिहा कर दिए cDaJDaN c@BatID N 9580445994 १७ दिसंबर लौटा जब वो बिना जुर्म के सजा काट कर उसने घर आकर सारे परिंदे रिहा कर दिए cDaJDaN c@BatID N 9580445994 - ShareChat