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#सत_भक्ति_संदेश कबीर, जिन हर जैसा सुमरिया,ताको तैसा लाभ। ओसा प्यास ना भागही, जब तक धसै नहीं आब।। कबीर साहेब जी कहते हैं कि जो साधक जैसी भक्ति तथा दान-धर्म करता है, उसी के अनुसार लाभ लेता है। पूर्ण लाभ के लिए धर्म कर्म भी पूर्ण करने से पर्याप्त लाभमिलता है। #jagatguru santrampal ji mahraj
jagatguru santrampal ji mahraj - 44 कबोर ,  जिन हर जैसा सुमरिया, ताको तैसा लाभ | ओसा प्यास ना भागहो. जब तक धसै नहों आब कबीर साहेब जी कहते हैं किजो साधक जैसी भक्ति तथा दान-्धर्म करता है, उसी के अनुसार लाभ लेता है।  लाभ के लिए धर्म कर्म भी पूर्ण करने से पर्याप्त लाभ पूर्ण मिलता है। जैसे घास पर गिरी औस के पानी को चाटने से प्यास लिए नहीं बुझती | के गिलास भरकर पानी पीना पड़़ता है। प्रकार परमात्मा से इसी बुझाने पूर्ण प्यास लाभलेने के लिए दान धर्म पर्याप्त मात्रा में करना चाहिए। .ooor 0O05O samundKADELMI SHDELMIMUNDMA 44 कबोर ,  जिन हर जैसा सुमरिया, ताको तैसा लाभ | ओसा प्यास ना भागहो. जब तक धसै नहों आब कबीर साहेब जी कहते हैं किजो साधक जैसी भक्ति तथा दान-्धर्म करता है, उसी के अनुसार लाभ लेता है।  लाभ के लिए धर्म कर्म भी पूर्ण करने से पर्याप्त लाभ पूर्ण मिलता है। जैसे घास पर गिरी औस के पानी को चाटने से प्यास लिए नहीं बुझती | के गिलास भरकर पानी पीना पड़़ता है। प्रकार परमात्मा से इसी बुझाने पूर्ण प्यास लाभलेने के लिए दान धर्म पर्याप्त मात्रा में करना चाहिए। .ooor 0O05O samundKADELMI SHDELMIMUNDMA - ShareChat