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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #✍️ अनसुनी शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी #💌शब्द से शायरी✒️
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - oulry lnl फँस गया हूँ जिन्दगी के कुरुक्षेत्र में अभिमन्यु की तरह, बचाने कोई आने वाला नहीं और छोड़ूंगा  मैदान 4 नहीं..!! oulry lnl फँस गया हूँ जिन्दगी के कुरुक्षेत्र में अभिमन्यु की तरह, बचाने कोई आने वाला नहीं और छोड़ूंगा  मैदान 4 नहीं..!! - ShareChat