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🕉️🚩🙏🔔🪔🌺🌸🌻🌼🏵️ Om Jay Shri Mata Bhagwati🪔🌻 #Jay Saraswati Mata Ji🌻🪔🕉️ ke Shri Shubh Charan Kamal mein🪔🌻 mangalmay suprabhat ka🪔🌻🌞🌻🪔 कोटि-कोटि dandvat pranam🪔🌺🌸🌻🌼🏵️💐🪔🔔🙏🦚🕉️🙏🪔🌺💕 #जय श्री राधे कृष्ण💕🌸🪔🎆 #🪔बसंत पंचमी की शुभकामनाएं🙏🌸🕉️🙏🪔 #💞Prem 💞bhakti 💞🪔🙏🌺🌱🌸 Prem se boliye🪔🌺💕 Radhe Radhe ji 🌱 Krishna💕🌸🪔 I miss you☺️🌄👍🌻 #🌷🌷🙏🏻!!शुक्रवार सुबह का नमस्कार!!🙏🏻🌷🌷🌻💐☕💝☕👌 so 💯 sweet💕🍦💞🍨🤞🍧💐🍫❤️🍫🎆 nice🤵 beautiful🌅👌 lovely😍 super duper❤️💘❤️ good day🌻:+:🌻🌄🍃🙏💕 thank's💞🙏🦚🌱🌹❣️🌷🌱🦚..🍃..🪔🕉️🚩
Jay Saraswati Mata Ji - Satya Sanatan (सरस्वती पूजा) [d Jay H@ ज्ञान, कला और विद्या का महापर्व बसंत पंचमी क्या है? माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला पवित्र पर्व। माँ सरस्वती ~ विद्या , बुद्धि, संगीत, कला और वाणी की देवी को समर्पित।  इसी दिन से वसंत ऋतु की आधिकारिक शुरुआत मानी जाती है।  इस दिन का महत्व / ज्ञान और शिक्षा का पर्व / नए कार्यो की शुभ शुरुआत (अबूझ मुहूर्त)  V प्रकृति का उत्सव সমৌ ক দীল কুল, মুভাবনা সীমস  V विद्यार्थियों, शिक्षकों और कलाकारों के लिए विशेष दिन पीले रंग का महत्व ज्ञान, ऊर्जा और समृद्धि का प्रतीक वसंती वस्त्र , हल्दी, पीले फूल ओर पीले प्रसाद का प्रयोग  পীয়াণিক কথা (মঞ্ী৭ ম) सृष्टि के प्रारंभ में संसार मौन था।  ब्रह्मा जी ने जल छिड़का और मा सरस्वती प्रकट हुई।  मा सरस्वती ने वीणा वजाई  जिससे ध्वनि , भाषा और ज्ञान उत्पन्न हुआ।  इसलिए इस दिन को सरस्वती जयंती भी कहते हैं।  सरस्वती पूजा विधि (स्टेप्स - बड़े टेक्स्ट में) स्नान करके पीले वस्त्र धारण करें। मा सरस्वती की प्रतिमा को पीले वस्त्र पर स्थापित करें। पीली मिठाई का भोग लगाए।  पीले फूल, चंदन , अक्षत  अर्पित करें। धूप दीप सरस्वती वंदना करेंः कुन्द्न्दुतुषारहारधवला . या कितावें, कलम, वाद्य यंत्र मा के चरणों में रखें। विद्यार्थियों के लिए विशेष महत्व " विद्यारंभ संस्कार " - पहली वार लिखना सीखना स्कूल कॉलेजों में विशेष पूजा / पुस्तक और कलम की पूजा  विशेष प्रसाद (पीले व्यंजन) केसरिया खीर, वूंदी के लडडू, मीठे चावल, वेसन के पकवान क्षेत्रीय रूप पश्चिम वंगाल  भव्य पंडाल, संगीत सांस्कृतिक कार्यक्रम faFRIUP বিঘালযী ৭ বিহীণ পুসা संस्थेाने मँल्ूम क्वाम ப பர்் का उत्सव সাহিহা  मंदिरों और सांस्कृतिक महत्व যন্ী কী পুসা  साहित्य से जुड़ा पर्व / कलाकार अपने वाद्य संगीत करते हैं নূন সাহ ज्ञान ज्योति जले , अज्ञान अंधकार मिटे" Satya Sanatan (सरस्वती पूजा) [d Jay H@ ज्ञान, कला और विद्या का महापर्व बसंत पंचमी क्या है? माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला पवित्र पर्व। माँ सरस्वती ~ विद्या , बुद्धि, संगीत, कला और वाणी की देवी को समर्पित।  इसी दिन से वसंत ऋतु की आधिकारिक शुरुआत मानी जाती है।  इस दिन का महत्व / ज्ञान और शिक्षा का पर्व / नए कार्यो की शुभ शुरुआत (अबूझ मुहूर्त)  V प्रकृति का उत्सव সমৌ ক দীল কুল, মুভাবনা সীমস  V विद्यार्थियों, शिक्षकों और कलाकारों के लिए विशेष दिन पीले रंग का महत्व ज्ञान, ऊर्जा और समृद्धि का प्रतीक वसंती वस्त्र , हल्दी, पीले फूल ओर पीले प्रसाद का प्रयोग  পীয়াণিক কথা (মঞ্ী৭ ম) सृष्टि के प्रारंभ में संसार मौन था।  ब्रह्मा जी ने जल छिड़का और मा सरस्वती प्रकट हुई।  मा सरस्वती ने वीणा वजाई  जिससे ध्वनि , भाषा और ज्ञान उत्पन्न हुआ।  इसलिए इस दिन को सरस्वती जयंती भी कहते हैं।  सरस्वती पूजा विधि (स्टेप्स - बड़े टेक्स्ट में) स्नान करके पीले वस्त्र धारण करें। मा सरस्वती की प्रतिमा को पीले वस्त्र पर स्थापित करें। पीली मिठाई का भोग लगाए।  पीले फूल, चंदन , अक्षत  अर्पित करें। धूप दीप सरस्वती वंदना करेंः कुन्द्न्दुतुषारहारधवला . या कितावें, कलम, वाद्य यंत्र मा के चरणों में रखें। विद्यार्थियों के लिए विशेष महत्व " विद्यारंभ संस्कार " - पहली वार लिखना सीखना स्कूल कॉलेजों में विशेष पूजा / पुस्तक और कलम की पूजा  विशेष प्रसाद (पीले व्यंजन) केसरिया खीर, वूंदी के लडडू, मीठे चावल, वेसन के पकवान क्षेत्रीय रूप पश्चिम वंगाल  भव्य पंडाल, संगीत सांस्कृतिक कार्यक्रम faFRIUP বিঘালযী ৭ বিহীণ পুসা संस्थेाने मँल्ूम क्वाम ப பர்் का उत्सव সাহিহা  मंदिरों और सांस्कृतिक महत्व যন্ী কী পুসা  साहित्य से जुड़ा पर्व / कलाकार अपने वाद्य संगीत करते हैं নূন সাহ ज्ञान ज्योति जले , अज्ञान अंधकार मिटे" - ShareChat