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#सत भक्ति संदेश तन मन शीश ईश अपने पै, पहलम चोट चढावै । जब कोए राम भक्त गति पावै, हो जी ।। संत नित्यानंद जी ने भक्ति को सफल करने की विधि बताई है। कहा है कि गुरू जी से दीक्षा लेने के पश्चात् परमेश्वर को पूर्ण रूप से समर्पित हो जाना चाहिए और तन-मन-धन अपने परमेश्वर को पहलम चोट चढावें यानी प्रारम्भ से ही कुर्बानी का भाव बन जाए।
सत भक्ति संदेश - 187' W Gl  शीश ईश अपने पै, पहलम चोट चढावै | तन मन जब कोए राम भक्त गति पावै, होजी।। संत नित्यानंद जी ने भक्ति को सफल करने की विधि बताई है। है कि गुरूजी से दीक्षा लेने के पश्चात् परमेश्वर को पूर्ण रूप कह्ा से समर्पित हयो जाना चाहिए और तन मनन्धन अपने परमेश्वर को पहलम चोट चढ़ावै यानी प्रारम्भ से ही का भाव बन जाए। कुर्बानी तब भक्त की गति यानी मुक्ति होगी। जिगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SAT KABIR 0 SAT_KABIR_KI_DAYA SATKABIR SUIPREMEGODORG KI DAYA 187' W Gl  शीश ईश अपने पै, पहलम चोट चढावै | तन मन जब कोए राम भक्त गति पावै, होजी।। संत नित्यानंद जी ने भक्ति को सफल करने की विधि बताई है। है कि गुरूजी से दीक्षा लेने के पश्चात् परमेश्वर को पूर्ण रूप कह्ा से समर्पित हयो जाना चाहिए और तन मनन्धन अपने परमेश्वर को पहलम चोट चढ़ावै यानी प्रारम्भ से ही का भाव बन जाए। कुर्बानी तब भक्त की गति यानी मुक्ति होगी। जिगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SAT KABIR 0 SAT_KABIR_KI_DAYA SATKABIR SUIPREMEGODORG KI DAYA - ShareChat