चौदह सौ तैंतीस की माघ सुदी पंद्रास,
दुखियों के कल्याण हित, प्रगटे श्री रविदास |
काशी में प्रगट हुए सतगुरु रविदास
मां कर्मा राहु पिता दादा हरिनंद ख़ास |
संत शिरोमणि सतगुरु रविदास जी का जन्म काशी (वाराणसी) में माघ पूर्णिमा, दिन रविदास को संवत 1433 (1377 ईस्वी) को एक चमार परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम (राहु/रघु) और माता का नाम कर्मा देवी था। वे भक्ति आंदोलन के एक महान संत, कवि और समाज सुधारक हैं।
जन्म स्थान: सीर गोवर्धनपुर, मंडूर नगरी काशी (उत्तर प्रदेश)।
जन्म तिथि: माघ पूर्णिमा, संवत 1433 (कुछ मान्यताओं में संवत 1388 भी कहा जाता है)।
जीवन दर्शन: उन्होंने "मन चंगा तो कठौती में गंगा" के माध्यम से आंतरिक पवित्रता और "कर्म ही पूजा" का संदेश दिया। उन्होंने जाति-पाति के आधार पर भेदभाव का विरोध किया और निर्गुण भक्ति को बढ़ावा दिया।
संत रविदास जी को रैदास के नाम से भी जाना जाता है और उनका जीवन मानवता, समानता और प्रेम का मार्ग प्रशस्त करता है।
सतगुरु रविदास महाराज जी के 649 में जन्म दिवस अवतार उत्सव की आप सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं लख बधाइयां ।
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