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#Quran and We #सोचने वाली बात #points to ponder #📕 કુરાન #idd mubarak
Quran and We - (२) कुरआन ५:8 লিৎ "ऐ ईमान वा्लों! अल्लाह के मज़बूती से खड़े हो जाओ , इंसाफ के साथ गवाही देने वाले बनो। और किसी क़ौम की दुश्मनी तुम्हें इस बात पर न उकसाए कि तुम इंसाफ न करो। इंसाफ करो, यही तक़वा के ज़्यादा क़रीब है। और अल्लाह से डरते रहो..." (3) ক্তুংঙজান 39:41 "निस्संदेह हमने तुम पर यह किताब लोगों के लिए हक़ के साथ उतारी है। अब जो कोई हिदायत अपनाए, तो वह उसके अपने ही फ़ायदे के लिए है, और जो कोई गुमराह होे, तो उसका नुक़सान उसी पर है। और तुम उन पर ज़िम्मेदार (निगहबान) नहीं हो।॰ 21/3/26 6:10 am (२) कुरआन ५:8 লিৎ "ऐ ईमान वा्लों! अल्लाह के मज़बूती से खड़े हो जाओ , इंसाफ के साथ गवाही देने वाले बनो। और किसी क़ौम की दुश्मनी तुम्हें इस बात पर न उकसाए कि तुम इंसाफ न करो। इंसाफ करो, यही तक़वा के ज़्यादा क़रीब है। और अल्लाह से डरते रहो..." (3) ক্তুংঙজান 39:41 "निस्संदेह हमने तुम पर यह किताब लोगों के लिए हक़ के साथ उतारी है। अब जो कोई हिदायत अपनाए, तो वह उसके अपने ही फ़ायदे के लिए है, और जो कोई गुमराह होे, तो उसका नुक़सान उसी पर है। और तुम उन पर ज़िम्मेदार (निगहबान) नहीं हो।॰ 21/3/26 6:10 am - ShareChat