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#gharelu nuskhe
gharelu nuskhe - आम के कच्चे पत्तों को " मधुनाशक पत्र  कहा गया है, यानी वह पत्ते जो मधुमेह को धीरे धीरे नष्ट करने की क्षमता रखते हैं। जब शरीर रमे इंसुलिन ठीक से काम नहीं करता , रक्त में शर्करा  बढ़ जाती है और थकान , बार-बार प्यास लगना, ঐথাান की अधिकता जैसी समस्याएं आने लगती है, तब आम के पत्तों का यह प्रयोग भीतर से লিৎ जड़ पर काम करता है। इसके सुबह खाली पेट 4 से 5 ताजे कच्चे आम के पत्ते लेकर, इन्हें एक गिलास पानी में धीमी आंच पर५७ मिनट तक उबालें। जब पानी हल्का हरा हो जाए॰ तब छानकर गुनगुना ही पिएं। इसे रोजाना खाली पेट पीने से न केवल ब्लड शुगर स्थिर होता है, बल्कि शरीर के अंदर के इंसुलिन रिसेप्टर्स सक्रिय होते हैं और अग्नाशय की कार्यक्षमता सुधरती है। आम के कच्चे पत्तों को " मधुनाशक पत्र  कहा गया है, यानी वह पत्ते जो मधुमेह को धीरे धीरे नष्ट करने की क्षमता रखते हैं। जब शरीर रमे इंसुलिन ठीक से काम नहीं करता , रक्त में शर्करा  बढ़ जाती है और थकान , बार-बार प्यास लगना, ঐথাান की अधिकता जैसी समस्याएं आने लगती है, तब आम के पत्तों का यह प्रयोग भीतर से লিৎ जड़ पर काम करता है। इसके सुबह खाली पेट 4 से 5 ताजे कच्चे आम के पत्ते लेकर, इन्हें एक गिलास पानी में धीमी आंच पर५७ मिनट तक उबालें। जब पानी हल्का हरा हो जाए॰ तब छानकर गुनगुना ही पिएं। इसे रोजाना खाली पेट पीने से न केवल ब्लड शुगर स्थिर होता है, बल्कि शरीर के अंदर के इंसुलिन रिसेप्टर्स सक्रिय होते हैं और अग्नाशय की कार्यक्षमता सुधरती है। - ShareChat