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#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - माँ के दूध  का उपकार" और "पिता के पसीने की कीमत" कभी चुकाया नहीं जा सकता, इसलिए "आजीवन" उनके लिए "निष्ठावान" रहना हमारा "प्रथम कर्तव्य" है। माँ के दूध  का उपकार" और "पिता के पसीने की कीमत" कभी चुकाया नहीं जा सकता, इसलिए "आजीवन" उनके लिए "निष्ठावान" रहना हमारा "प्रथम कर्तव्य" है। - ShareChat