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#✍️ साहित्य एवं शायरी #😒दर्द भरी शायरी🌸 #💔मरीज-ए-इश्क❤ #😞बेवफा शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - अभी तक यादों में रहती थी अब ख्वाबों में भी आने எரி 8 अभी तक दिल में छुपी रहती थी उसकी बातें अब लबों तक आने लगी है॰ बोलकर गई थी चार दिन में आ எரரி आज तक नहीं आई अबवो ज्यादा ही भाव खाने लगी है॰ लगता है अब धीरे धीरे मुझे छोड़कर किसी और के पास जाने लगी है | अभी तक यादों में रहती थी अब ख्वाबों में भी आने எரி 8 अभी तक दिल में छुपी रहती थी उसकी बातें अब लबों तक आने लगी है॰ बोलकर गई थी चार दिन में आ எரரி आज तक नहीं आई अबवो ज्यादा ही भाव खाने लगी है॰ लगता है अब धीरे धीरे मुझे छोड़कर किसी और के पास जाने लगी है | - ShareChat