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राजा महाराजा भी खुद को कोसते होंगे। कलयुग में क्यों नहीं जन्मे ये सोचते होंगे। नृत्य और नृत्यकी पर हजारों लाखों अशर्फियां, कर दी हमने यूं बर्बाद ऐसा सोचते होंगे। नि:शुल्क देखने को मिल जाता अब नृत्य, सोशल मीडिया को वो भी खोजते होंगे। सुमित मानधना ' गौरव' सूरत ( गुजरात) हास्य कवि #laughterkefatke #🥰लव कोट्स🌹 #📚कविता-कहानी संग्रह
laughterkefatke - राजा महाराजा भी खुद को कोसते हेंगे। कलयुग में क्यों नर्हीं जन्मे ये सोचते होेंगे। नृत्य और नृत्यकी पर हजारों लाखों अशर्फियां कर दी हमने यूं बर्बाद ऐसा सोचते होंगे। निःशुल्क देखने को मिल जाता अब नृत्य सोशल मीडिया को वो भी॰  खोजते होंगे। যাঁবন' য্লুসিন সানপ্পনা गुजरात) ह्यस्य कवि सूर्त राजा महाराजा भी खुद को कोसते हेंगे। कलयुग में क्यों नर्हीं जन्मे ये सोचते होेंगे। नृत्य और नृत्यकी पर हजारों लाखों अशर्फियां कर दी हमने यूं बर्बाद ऐसा सोचते होंगे। निःशुल्क देखने को मिल जाता अब नृत्य सोशल मीडिया को वो भी॰  खोजते होंगे। যাঁবন' য্লুসিন সানপ্পনা गुजरात) ह्यस्य कवि सूर्त - ShareChat