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kanha - यदि वास्तविक व्यक्ति को HSI[ SIS, alufafic भी स्वयं सज जाता है। इसी प्रकार वास्तविकता कृष्ण हैं। यदि आप कृष्ण की सेवा करते हैं, तो हम उनके प्रतिबिंब हैं। कृष्ण के संतुष्ट होते ही हम भी संतुष्ट हो जाते हैं। इसलिए यदि आप शांति और संतुष्ठि चाहते हैं, तो कृष्ण को संतुष्ट करें। यही तरीका है। श्रील प्रभुपाद- आगमन प्रवचन के अंश, सिडनी, १२ फरवरी, १९७३ eprabhupadanuga_ 0 यदि वास्तविक व्यक्ति को HSI[ SIS, alufafic भी स्वयं सज जाता है। इसी प्रकार वास्तविकता कृष्ण हैं। यदि आप कृष्ण की सेवा करते हैं, तो हम उनके प्रतिबिंब हैं। कृष्ण के संतुष्ट होते ही हम भी संतुष्ट हो जाते हैं। इसलिए यदि आप शांति और संतुष्ठि चाहते हैं, तो कृष्ण को संतुष्ट करें। यही तरीका है। श्रील प्रभुपाद- आगमन प्रवचन के अंश, सिडनी, १२ फरवरी, १९७३ eprabhupadanuga_ 0 - ShareChat