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तुम्हारी याद के जब ज़ख़्म भरने लगते हैं किसी बहाने तुम्हें याद करने लगते हैं – फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ #📓 हिंदी साहित्य #📖 कविता और कोट्स✒️ #✍️ साहित्य एवं शायरी
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