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जब कोई पुरूष, स्त्री की वासना को शांत करने में परांगत हो जाता है... तब स्त्री स्वयं ही उसे आमंत्रण देती है... और प्रेम मे लीन होकर स्वयं को सौप देती है..!❤️ #🎥 ਵੀਡੀਓ ਸਟੇਟਸ #📃ਲਾਈਫ ਕੋਟਸ✒️ #📗ਸ਼ਾਇਰੀ ਅਤੇ ਕੋਟਸ 🧾 #📄 ਜੀਵਨ ਬਾਣੀ #🧾 ਟੈਕਸਟ ਸ਼ਾਇਰੀ
🎥 ਵੀਡੀਓ ਸਟੇਟਸ - पुरुष में वासना की उत्पति पानी के बुलबुले की तरह क्षणिक होती है, किन्तु स्त्री में यह एक लहर कि तरह होती जो बहुत गहराई तक जाती है॰ और सहज शांत రకే साहब भी नहीं होती. इसे शांत करने के लिये कुशलता व अनुभव की जरूरत होती जब कोई पुरूष इसे గే करने में परांगत हो जाता तब स्त्री स्वयं ही उसे 8. आमंत्रण देती है और प्रेम मे लीन होकर स्वयं को सौप देती है॰ बड़े साहब बड़े साहब पुरुष में वासना की उत्पति पानी के बुलबुले की तरह क्षणिक होती है, किन्तु स्त्री में यह एक लहर कि तरह होती जो बहुत गहराई तक जाती है॰ और सहज शांत రకే साहब भी नहीं होती. इसे शांत करने के लिये कुशलता व अनुभव की जरूरत होती जब कोई पुरूष इसे करने में परांगत हो जाता तब स्त्री स्वयं ही उसे 8. आमंत्रण देती है और प्रेम मे लीन होकर स्वयं को सौप देती है॰ बड़े साहब बड़े साहब - ShareChat