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वाराणसी की पवित्र मणिकर्णिका घाट को लेकर जो कुछ सोशल मीडिया पर किया गया, वह सिर्फ झूठ नहीं बल्कि आस्था पर सीधा हमला है। एआई की मदद से नकली तस्वीरें बनाकर यह दिखाने की कोशिश की गई कि घाट के साथ छेड़छाड़ हो रही है, ताकि लोगों की भावनाएं भड़कें, भ्रम फैले और समाज में तनाव पैदा हो। सवाल यह है कि धर्म, परंपरा और संस्कृति को बदनाम करने की यह साजिश किसके इशारे पर रची गई? मणिकर्णिका घाट कोई आम जगह नहीं, यह करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। यहां झूठ फैलाना मतलब देश की आत्मा पर वार करना। पुलिस ने इस मामले में 8 एफआईआर दर्ज कर साफ कर दिया है कि डिजिटल झूठ अब बर्दाश्त नहीं होगा। लेकिन गुस्सा इस बात का है कि कुछ लोग सस्ती राजनीति के लिए हर हद पार करने को तैयार हैं। अब समय है कि जनता सच पहचाने और ऐसे तत्वों को बेनकाब करे जो समाज को तोड़ने का काम कर रहे हैं। डिस्क्लेमर: यह पोस्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध खबरों पर आधारित है। किसी की भावनाएं आहत करना उद्देश्य नहीं है। #अब्बड़ सुग्घर हमर छत्तीसगढ़ ❤️🔱🪔 #🌍भारतीय इतिहास📚 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌞 Good Morning🌞
अब्बड़ सुग्घर हमर छत्तीसगढ़ ❤️🔱🪔 - Al से फैलाया गया महा-झूठ! मणिकर्णिका घाट को बदनाम करने की साजिश, सिंह ' AAPஎiஸ समेत 8 नामजद Al से फैलाया गया महा-झूठ! मणिकर्णिका घाट को बदनाम करने की साजिश, सिंह ' AAPஎiஸ समेत 8 नामजद - ShareChat