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#नववर्ष की शुभकामना #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #🌞 Good Morning🌞 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
नववर्ष की शुभकामना - परिन्दा परिंदा हूँ॰ आवारा एक मैं परदेश में उड़ 8 आया अपनों से हूँ दूर बहुत और खुद से मैं पराया हूँ, धुंध है ठण्ड है और खामोशी है, परत दर परत अँधेरा है॰ सांस आई तो ज़़िंदगी का इल्म हुआ... खोली आँखें तो मालूम हुआ सवेरा है, किस्सा लिखा रंगीन बहुत, T और किरदार जिंदगी के लिखे, एक ठोकर लगी तो होश हुआ, वक़्त मासूम सा सपेरा है, करता है हुनर से कैद मुझको , हूँ खेल मेरा है। मैं समझता परिन्दा परिंदा हूँ॰ आवारा एक मैं परदेश में उड़ 8 आया अपनों से हूँ दूर बहुत और खुद से मैं पराया हूँ, धुंध है ठण्ड है और खामोशी है, परत दर परत अँधेरा है॰ सांस आई तो ज़़िंदगी का इल्म हुआ... खोली आँखें तो मालूम हुआ सवेरा है, किस्सा लिखा रंगीन बहुत, T और किरदार जिंदगी के लिखे, एक ठोकर लगी तो होश हुआ, वक़्त मासूम सा सपेरा है, करता है हुनर से कैद मुझको , हूँ खेल मेरा है। मैं समझता - ShareChat