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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #💌शब्द से शायरी✒️
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - मैं जिम्मेदारियों में उलझा हुआ शख्स, मेरी रजा क्या ही होगी. मैं कातिल हूं खुद की ख्वाहिशों का, मेरी सजा क्या ही होगी.. ! Follow For More Videos मैं जिम्मेदारियों में उलझा हुआ शख्स, मेरी रजा क्या ही होगी. मैं कातिल हूं खुद की ख्वाहिशों का, मेरी सजा क्या ही होगी.. ! Follow For More Videos - ShareChat