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#छत्तीसगढ़ #माध्यमिक शिक्षा मंडल
छत्तीसगढ़ - माशिम ने बढ़ाई फीस तो गुूल्लक नियमित छात्रों को ४६० रुपए की जगह अब और मां के गहने लेकर पहुंचे छात्र ಹಕೂi 800" হিeা ক ঋধিকাৎ কা ৪নন हरिभूमि न्यूज) ) रायपुर छात्र संगठन का आरोप हे कि यह स्थिति रविधान द्वारा प्रदत्त शिक्षा माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा बोर्ड  के अधिकार की भावन के पूरी तरह खिलाफ हे। प्रदेश में पहले ही कक्षाओं अर्थात १०वीं १२वीं के बेरोजगारी महगाई और आर्थिक असमानता चरम पर हे। ऐसे समय में १०वीं और १२वीं जेसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं का शुल्क परीक्षा शुल्क में वृद्धि कर दी गई है। बढाना यह साबित करता हे कि बीजेपी सरकार को न छात्रों को की ये नई दरें अगले परीक्षा ঘুলচে चिंता है न शिक्षा व्यवस्था की मजबूती की। एनएसयूआई   प्रभारी  परीक्षा फॉर्म शुल्क में सत्र से लागू होंगी॰ लेकिन इसका की गई महामंत्री हेमंत पाल के नेतृत्व में यह प्रदर्शन हुआ| प्रदेश रचिव  बेतहाशा वृद्धि ने गरीब, मध्यमवर्गीय  विरोध अभी से तेज हो गया है। कुणाल दुबे, गावेश साहू अंकित बंजारे ओज पांडेय शेख  एनएसयूआई " और ग्रामीण छात्रों की कमर तोड़ दी को मंगलवार अर्सलान तनिष्क मिश्रा सहित अन्य इसमें शामिल रहे। कार्यकर्ता विरोध प्रकट करने मंडल है। आज प्रदेश में हालात ऐसे बना  हुई है वृद्धि 5 মাল বরাৎ दिए गए हैं कि गरीब परिवारों के कार्यालय पहुंचे। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा करीब 5 साल बाद १०वीं ओर २वीं छात्र नेताओं ने आरोप लगाया, बच्चों को पढ़़ाई जारी रखने के लिए बोर्ड परीक्षाओं के शूल्क में बढ़ोतरी की गई है।अब तक बीजेपी सरकार के लगातार छात्र की जमा-पूंजी  गहने अपन घर नियमित छात्रों को बोर्ड परीक्षा अंकसूची और प्रति विषय विरोधी एवं जन विरोधी नीतियों के और छोटी छोटी बचत तक तोड़नी  प्रैक्टिकल शुल्क मिलाकर ४६० रुपए देने होते थे। शेक्षणिक सत्र पड़ रही है। इसलिए वे अपनी परिणामस्वरूप शिक्षा २०२६-२७ से ८०० रुपए चुकाने होंगे। इसके अलावा बोर्ड परीक्षा  3াত[ के आवेदन फॉर्म के शुल्क में भी ७० रुपए को वृद्धि की गई है। व्यवस्था गहरे संकट में है।इसी कडी गुल्लक और मां के गहने लेकर आए पहले इसके लिए ८० रुपए देने होते थे। कार्यपालिका समिति की हैं, ताकि इन पैसों से माशिम की बढ़ी में छत्तीसगढ़ माध्यमिक   शिक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया था। इस संदर्मभ में आदेश 2 हुई फीस की राशि चुका सकें।  द्वारा १०वीं एवं १२वीं के मंडल फरवरी को जारी किया गया। माशिम ने बढ़ाई फीस तो गुूल्लक नियमित छात्रों को ४६० रुपए की जगह अब और मां के गहने लेकर पहुंचे छात्र ಹಕೂi 800" হিeা ক ঋধিকাৎ কা ৪নন हरिभूमि न्यूज) ) रायपुर छात्र संगठन का आरोप हे कि यह स्थिति रविधान द्वारा प्रदत्त शिक्षा माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा बोर्ड  के अधिकार की भावन के पूरी तरह खिलाफ हे। प्रदेश में पहले ही कक्षाओं अर्थात १०वीं १२वीं के बेरोजगारी महगाई और आर्थिक असमानता चरम पर हे। ऐसे समय में १०वीं और १२वीं जेसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं का शुल्क परीक्षा शुल्क में वृद्धि कर दी गई है। बढाना यह साबित करता हे कि बीजेपी सरकार को न छात्रों को की ये नई दरें अगले परीक्षा ঘুলচে चिंता है न शिक्षा व्यवस्था की मजबूती की। एनएसयूआई   प्रभारी  परीक्षा फॉर्म शुल्क में सत्र से लागू होंगी॰ लेकिन इसका की गई महामंत्री हेमंत पाल के नेतृत्व में यह प्रदर्शन हुआ| प्रदेश रचिव  बेतहाशा वृद्धि ने गरीब, मध्यमवर्गीय  विरोध अभी से तेज हो गया है। कुणाल दुबे, गावेश साहू अंकित बंजारे ओज पांडेय शेख  एनएसयूआई " और ग्रामीण छात्रों की कमर तोड़ दी को मंगलवार अर्सलान तनिष्क मिश्रा सहित अन्य इसमें शामिल रहे। कार्यकर्ता विरोध प्रकट करने मंडल है। आज प्रदेश में हालात ऐसे बना  हुई है वृद्धि 5 মাল বরাৎ दिए गए हैं कि गरीब परिवारों के कार्यालय पहुंचे। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा करीब 5 साल बाद १०वीं ओर २वीं छात्र नेताओं ने आरोप लगाया, बच्चों को पढ़़ाई जारी रखने के लिए बोर्ड परीक्षाओं के शूल्क में बढ़ोतरी की गई है।अब तक बीजेपी सरकार के लगातार छात्र की जमा-पूंजी  गहने अपन घर नियमित छात्रों को बोर्ड परीक्षा अंकसूची और प्रति विषय विरोधी एवं जन विरोधी नीतियों के और छोटी छोटी बचत तक तोड़नी  प्रैक्टिकल शुल्क मिलाकर ४६० रुपए देने होते थे। शेक्षणिक सत्र पड़ रही है। इसलिए वे अपनी परिणामस्वरूप शिक्षा २०२६-२७ से ८०० रुपए चुकाने होंगे। इसके अलावा बोर्ड परीक्षा  3াত[ के आवेदन फॉर्म के शुल्क में भी ७० रुपए को वृद्धि की गई है। व्यवस्था गहरे संकट में है।इसी कडी गुल्लक और मां के गहने लेकर आए पहले इसके लिए ८० रुपए देने होते थे। कार्यपालिका समिति की हैं, ताकि इन पैसों से माशिम की बढ़ी में छत्तीसगढ़ माध्यमिक   शिक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया था। इस संदर्मभ में आदेश 2 हुई फीस की राशि चुका सकें।  द्वारा १०वीं एवं १२वीं के मंडल फरवरी को जारी किया गया। - ShareChat