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#✍मेरे पसंदीदा लेखक #📚कविता-कहानी संग्रह
✍मेरे पसंदीदा लेखक - This is written for you my Bestfriend एक दोस्त मिला मुझे यूँ ही जन्दिगी की राहों पर, जब मैं पूरी तरह से टूट थी, bikhar थी ! चुकी चुकी जन्दिगी भर की दोस्ती का वादा किया ; मेरा हर पल साथ देने का इरादा किया ; कहना जब भी जख़्रत हो मेरी, ೯; সুসম बस इतना ही कह कर उसने गम़ मेरा आधा किया ! उसने बीते कल को भूलना सिखाया मुझे ! जन्दिगी में आगे बढना समझाया मुझे ! khawab লিব নী khud নী নিভ্রযা থা ! अपने मगर हर मोड.पर khus रहना बताया मुझे ! यूँ ही हमारी बात हुई न जाने कहाँ से शुरूआत हुई, লম वो समझा था जिस तरह मुझे, शायद उस तरह कोई समझा ही नहीं ! फिर क्या कह दिये मैने अपने सारे राज. उसे , मगर अब तक हमारी न कोई मुलाकात हुई ! वो रातों को सुनी हुई कहानियाँ तुम्हारी , कभी हंसाती हैं तो, कभी डराती हैं ! उन्हें सुनने के बाद वाकई वो मुझे, मगर सुकून की नींद ೯! सुलाती एक अगर मैं khuda से कहूँ मुझे एक फरिश्ता दे दें मुझे उसकी ही ` दोस्ती का रिश्ता दे दें yadavramonu This is written for you my Bestfriend एक दोस्त मिला मुझे यूँ ही जन्दिगी की राहों पर, जब मैं पूरी तरह से टूट थी, bikhar थी ! चुकी चुकी जन्दिगी भर की दोस्ती का वादा किया ; मेरा हर पल साथ देने का इरादा किया ; कहना जब भी जख़्रत हो मेरी, ೯; সুসম बस इतना ही कह कर उसने गम़ मेरा आधा किया ! उसने बीते कल को भूलना सिखाया मुझे ! जन्दिगी में आगे बढना समझाया मुझे ! khawab লিব নী khud নী নিভ্রযা থা ! अपने मगर हर मोड.पर khus रहना बताया मुझे ! यूँ ही हमारी बात हुई न जाने कहाँ से शुरूआत हुई, লম वो समझा था जिस तरह मुझे, शायद उस तरह कोई समझा ही नहीं ! फिर क्या कह दिये मैने अपने सारे राज. उसे , मगर अब तक हमारी न कोई मुलाकात हुई ! वो रातों को सुनी हुई कहानियाँ तुम्हारी , कभी हंसाती हैं तो, कभी डराती हैं ! उन्हें सुनने के बाद वाकई वो मुझे, मगर सुकून की नींद ೯! सुलाती एक अगर मैं khuda से कहूँ मुझे एक फरिश्ता दे दें मुझे उसकी ही ` दोस्ती का रिश्ता दे दें yadavramonu - ShareChat