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#जय श्री कृष्णा #🙏गीता ज्ञान🛕
जय श्री कृष्णा - गीता उपदेश हे पार्थ.. ! भाग्य की रेखाएँ हाथों में नहीं , कर्म की दृढ़ता में बसती 87 जो व्यक्ति परिस्थितियों को दोष देता है, वह स्वयं को कमजोर है; करता और जो उन्हें अवसर मानकर आगे बढ़ता है, वही अपना भविष्य स्वयं रचता है। इसलिए संशय छोड़ो , धैर्य और को अपना सारथी पुरुषार्थ बनाओ समय स्वयं तुम्हारे चरण चूमेगा। गीता उपदेश हे पार्थ.. ! भाग्य की रेखाएँ हाथों में नहीं , कर्म की दृढ़ता में बसती 87 जो व्यक्ति परिस्थितियों को दोष देता है, वह स्वयं को कमजोर है; करता और जो उन्हें अवसर मानकर आगे बढ़ता है, वही अपना भविष्य स्वयं रचता है। इसलिए संशय छोड़ो , धैर्य और को अपना सारथी पुरुषार्थ बनाओ समय स्वयं तुम्हारे चरण चूमेगा। - ShareChat