#गला_भी_कटाया_मोक्ष_नहींपाया #कबीर_परमेश्वर_निर्वाण_दिवस
काशी के ब्राह्मणों ने करौंत स्थापित कर यह भ्रम फैलाया कि इससे स्वर्ग मिल सकता है। यह एक पाखंड था, जो अज्ञानता के कारण लोगों ने सच मान लिया। आदरणीय गरीबदास जी ने कहा कि यदि स्वर्ग इतनी सरलता से मिलता, तो सत्य युग से ही यह विधि प्रचलित होती। यह सब शास्त्र-विरुद्ध है।


