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#सुवि चार एव अनमोल वचन #सुवि चार
सुवि चार एव अनमोल वचन - ।। - शत्रु और क्रुद्ध महाविषधर सर्प के साथ भले ही रहें, पर ऐसे मनुष्य के साथ कभी न रहे जो ऊपर से तो मित्र कहलाता है, लेकिन भीतर ्भीतर शत्रु का हितसाधक हो! ! ।। - शत्रु और क्रुद्ध महाविषधर सर्प के साथ भले ही रहें, पर ऐसे मनुष्य के साथ कभी न रहे जो ऊपर से तो मित्र कहलाता है, लेकिन भीतर ्भीतर शत्रु का हितसाधक हो! ! - ShareChat