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#sacchi baate
sacchi baate - जहाँ अपनों की याद न आएवो तन्हाई किस काम की॰ की॰ बिगड़े रिश्ते न बने तो खुदाई किस काम बेशक अपनी मंज़िल तक जाना हे॰ पर जहाँ से अपने ना दिखे वो ऊंचाई किस काम की ೦  जहाँ अपनों की याद न आएवो तन्हाई किस काम की॰ की॰ बिगड़े रिश्ते न बने तो खुदाई किस काम बेशक अपनी मंज़िल तक जाना हे॰ पर जहाँ से अपने ना दिखे वो ऊंचाई किस काम की ೦ - ShareChat