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#☸️जय भीम #🇮🇳 लाखात एक माझा फौजी #🚩शिवराय #🥗आजची झटपट रेसिपी😍 #🍮स्वीट डिश
☸️जय भीम - पुजनीय सचिनजीस्वरुपय कहते है की दुनीयामे ईन्सानीयत जब शरीररमे बुढापेतक रहती है व आखरी सासे गीनते वक्त वह व्यक्ती होता बुढापेमे है तब शरीर चेतना पुरी तरह प्रान नीकलनेसे हो जाती है शरीर चेतना काम पहलेही मुरेशीत करना बंद कर देती है तब मरनेवाला ईन्सान या स्त्री यह सोचती है की मै तो आज भी अपनी सोचचःसे पहले जैसा था आज भी वैसा ही हु पर ईस शरीर की ताकत मेरे साथ चलनेमे कमजोर हो गई ईन्सान कहता है मै कीतनेभी साल जी सकता हु सीर्फ यह शरीर मेरे बरोबरी मे नही जी सकता सचचिनंजी कहते है ईन्सान मेरे बनाई हुई सोच से जन्म बनकर शरीर धारन करके प्रकट होता है शरीर स्वप्न चेतना मेरी सोचको कभी नही हरा FACESWAP সব্ধনী MAGIC पुजनीय सचिनजीस्वरुपय कहते है की दुनीयामे ईन्सानीयत जब शरीररमे बुढापेतक रहती है व आखरी सासे गीनते वक्त वह व्यक्ती होता बुढापेमे है तब शरीर चेतना पुरी तरह प्रान नीकलनेसे हो जाती है शरीर चेतना काम पहलेही मुरेशीत करना बंद कर देती है तब मरनेवाला ईन्सान या स्त्री यह सोचती है की मै तो आज भी अपनी सोचचःसे पहले जैसा था आज भी वैसा ही हु पर ईस शरीर की ताकत मेरे साथ चलनेमे कमजोर हो गई ईन्सान कहता है मै कीतनेभी साल जी सकता हु सीर्फ यह शरीर मेरे बरोबरी मे नही जी सकता सचचिनंजी कहते है ईन्सान मेरे बनाई हुई सोच से जन्म बनकर शरीर धारन करके प्रकट होता है शरीर स्वप्न चेतना मेरी सोचको कभी नही हरा FACESWAP সব্ধনী MAGIC - ShareChat