डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के नेतृत्व में हजारों लोगों ने कालाराम मंदिर के सामने समानता का बिगुल बजाया।
"2 मार्च 1930…जब इंसान को भगवान के दरवाज़े पर रोका गया।तब एक आवाज़ उठी —'हम भी इंसान हैं, हमें भी अधिकार है!'डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के नेतृत्व मेंहजारों लोगों...