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#🖋शेरो-शायरी
🖋शेरो-शायरी - आज आसूं भी हमसे पूछ बैंठे 4 मुझे बार बार क्यूं गिराते हो , कहा हम याद किसी और को करते है और चले तुम आते हो। Sanay जीवन संग्रह गुलजार 1 आज आसूं भी हमसे पूछ बैंठे 4 मुझे बार बार क्यूं गिराते हो , कहा हम याद किसी और को करते है और चले तुम आते हो। Sanay जीवन संग्रह गुलजार 1 - ShareChat