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#📝कविता / शायरी/ चारोळी #🖋शेरो-शायरी
📝कविता / शायरी/ चारोळी - शायरी तरस रही है लफ्जों कोई नया ज़ख्म दो कि . ग़जल हो जाए॰॰ शायरी तरस रही है लफ्जों कोई नया ज़ख्म दो कि . ग़जल हो जाए॰॰ - ShareChat