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#🖋ग़ज़ल #✍️ अनसुनी शायरी #💓 दिल के अल्फ़ाज़ #💌शब्द से शायरी✒️ #💔पुराना प्यार 💔
🖋ग़ज़ल - अबइस से बढकर आशिकी क्या होगी @ ٢٢ रिहाई काचक्त आया ( तो पिंजरे से मुहब्बत हो थी। चुकी अबइस से बढकर आशिकी क्या होगी @ ٢٢ रिहाई काचक्त आया ( तो पिंजरे से मुहब्बत हो थी। चुकी - ShareChat