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!!दर्द का सिलसिला रह जायेगा!! तू नहीं तो ज़िन्दगी में और क्या रह जायेगा दूर तक तन्हाइयों का सिलसिला रह जायेगा दर्द की सरी तहें और सारे गुज़रे हादसे सब धुआँ हो जायेंगे एक वाक़िया रह जायेगा यूं भी होगा वो मुझे दिल से भुला देगा मगर ये भी होगा खुद उसी में एक खला रह जायेगा दायरे इन्कार के इकरार की सरगोशियाँ ये अगर टूटे कभी तो फ़ासला रह जायेगा! लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺
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