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#🖋शेरो-शायरी #✍गुलजारांचे साहित्य #📝कविता / शायरी/ चारोळी
🖋शेरो-शायरी - 66 " एहसान किसी का वो रखते नहीं मेरा भी चुका दिया, मेरा जितना खाया था नमक मेरे जख्मों पे लगा दिया.. !! गुलजार 66 एहसान किसी का वो रखते नहीं मेरा भी चुका दिया, मेरा जितना खाया था नमक मेरे जख्मों पे लगा दिया.. !! गुलजार - ShareChat