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#😂पहेलियाँ ❓ #✍️ साहित्य एवं शायरी
😂पहेलियाँ ❓ - मैं गुल्लक तोड़ कर वापस गया तो, अर भी महंगी हो गईथी ! at गुड़िया कुछ ख्वाहिरों पैंसों से नही, वक़्त से महंगी होती हैं॰ nsh_ke_lafz मैं गुल्लक तोड़ कर वापस गया तो, अर भी महंगी हो गईथी ! at गुड़िया कुछ ख्वाहिरों पैंसों से नही, वक़्त से महंगी होती हैं॰ nsh_ke_lafz - ShareChat