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#⏳शब्द से शायरी: वक़्त
⏳शब्द से शायरी: वक़्त - वक़्त मैँने वक़्त से पूछा मेरा कसूर क्या था वक़्त ने हंसकर कहा तेरी गलती बस इतनी थी कि तूने किसी को अपना समझा ओर लो्गों ने तुझे सिर्फ़ अपने मतलब का समझा। वक़्त मैँने वक़्त से पूछा मेरा कसूर क्या था वक़्त ने हंसकर कहा तेरी गलती बस इतनी थी कि तूने किसी को अपना समझा ओर लो्गों ने तुझे सिर्फ़ अपने मतलब का समझा। - ShareChat