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#हरि_आये_हरियाणे_नूं 2Days Left For Bodh Diwas 🔹हरि आये हरियाणे नूं ग्राम छुड़ानी, जिला झज्जर, हरियाणा में जन्मे संत गरीबदास जी को परमेश्वर कबीर साहिब जी जिंदा बाबा रूप में सतलोक से आकर विक्रमी संवत् 1784, सन् 1727 में फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष द्वादशी को मिले थे। इसीलिए ##kabirisgod #kabir is real god #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇
#kabirisgod - तीशापे तपणतूं নিলা छुड़ानी, झज्चर, हरियाणा में जन्मे संत गरीबदास जी को परमेश्वर ग्राम कबीर साहिब जी जिंदा बाबा रूप में सतलोक से आकर विक्रमी संवत् १७८४, सन् १७२७ में फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष को मिले थे। इसीलिए संत द्वादशी गरीबदास जी ने कहा हैः सर्व कला सतगुरु साहेब की॰ हरि आए हरियाणे नूँ।  में हुआ " उन्हीं परमेश्वर के अवतार संत रामपाल जी का अवतरण हरियाणा प्रांत है जिनके विषय में आदरणीय संत गरीबदास जी ने अपनी अमरवाणी में कहा हैः फिरदा  दाणें दाणें नू। पूर्व-पश्चिम उत्तर दक्षिण, क्यों सर्ब कला सतगुरु साहेब की हरि आए हरियाणे नू।। Sant Rampal JI YOUTUBE [Vte Buue : Maharaj CHANNEL 749,6001025| तीशापे तपणतूं নিলা छुड़ानी, झज्चर, हरियाणा में जन्मे संत गरीबदास जी को परमेश्वर ग्राम कबीर साहिब जी जिंदा बाबा रूप में सतलोक से आकर विक्रमी संवत् १७८४, सन् १७२७ में फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष को मिले थे। इसीलिए संत द्वादशी गरीबदास जी ने कहा हैः सर्व कला सतगुरु साहेब की॰ हरि आए हरियाणे नूँ।  में हुआ " उन्हीं परमेश्वर के अवतार संत रामपाल जी का अवतरण हरियाणा प्रांत है जिनके विषय में आदरणीय संत गरीबदास जी ने अपनी अमरवाणी में कहा हैः फिरदा  दाणें दाणें नू। पूर्व-पश्चिम उत्तर दक्षिण, क्यों सर्ब कला सतगुरु साहेब की हरि आए हरियाणे नू।। Sant Rampal JI YOUTUBE [Vte Buue : Maharaj CHANNEL 749,6001025| - ShareChat