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true line - समझते समझते समझ में आया कि॰. लोग उतने चालाक नहीं थे, जितने हम मूर्ख निकले. हर किसी से भावनाएँ जोड़ लेना , క్ే हर किसी को दिल के क़रीब बिठा लेना , ये भूल हमारी थी, लोगों की नहीं ! 3 वो तो खुद की दुनिया मे मस्त थे, हम ही बेवजह भावुक थे.. ! writer_mahendra समझते समझते समझ में आया कि॰. लोग उतने चालाक नहीं थे, जितने हम मूर्ख निकले. हर किसी से भावनाएँ जोड़ लेना , క్ే हर किसी को दिल के क़रीब बिठा लेना , ये भूल हमारी थी, लोगों की नहीं ! 3 वो तो खुद की दुनिया मे मस्त थे, हम ही बेवजह भावुक थे.. ! writer_mahendra - ShareChat