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#Aachrya parsant ji #🙏कर्म क्या है❓
Aachrya parsant ji - Sae [iiq अजीब ये ज़िंदगी की धूल है जितना सा़फ़ करो उतनी पडती जाती है। तमाम सफ़ाई के बाद भी जब दिखाई { कि धूल अभी भी बची हुई तो उसमें निराश नहीं होना है। मुस्कुरा के कहना है- 0665 1b झुन्नूलाल! Sae [iiq अजीब ये ज़िंदगी की धूल है जितना सा़फ़ करो उतनी पडती जाती है। तमाम सफ़ाई के बाद भी जब दिखाई { कि धूल अभी भी बची हुई तो उसमें निराश नहीं होना है। मुस्कुरा के कहना है- 0665 1b झुन्नूलाल! - ShareChat