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जय श्री राम! अयोध्या धाम में विराजमान प्रभु श्री रामलला सरकार के आज, २ मार्च २०२६, के इस पावन प्रातः कालीन श्रृंगार और आरती के स्मरण मात्र से मन अत्यंत प्रसन्न और भक्तिमय हो गया है। अयोध्या की पावन भूमि से प्रभु का यह दिव्य स्वरूप हम सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाए। आज का दिव्य दर्शन (भाव स्वरूप) * श्रृंगार: प्रभु को आज अत्यंत कोमल और भव्य वस्त्रों से सुसज्जित किया गया होगा, जिसमें रत्नों की आभा और पुष्पों की सुगंध समाहित है। * आरती: वह समय जब घंटों और शंखों की ध्वनि से संपूर्ण अयोध्या गूँज उठती है और भक्त प्रभु की मनमोहक छवि को अपनी आँखों में बसा लेते हैं। * भाव: "भय प्रगट कृपाला, दीनदयाला..." के मधुर स्वर और धूप-दीप की सुगंध भक्तों के हृदय को स्पर्श कर रही होगी। शुभ मंगल कामना > "मंगल भवन अमंगल हारी, द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी।" > भगवान रामलला का आशीर्वाद आप पर और आपके परिवार पर सदैव बना रहे। जय श्री राम #भक्ति 🙏💫
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