Beating Retreat क्या है? (भारत)
Beating Retreat भारत में गणतंत्र दिवस समारोह का समापन कार्यक्रम होता है।
यह हर साल 29 जनवरी को आयोजित किया जाता है।
इस कार्यक्रम के साथ ही गणतंत्र दिवस के औपचारिक समारोहों का आधिकारिक अंत हो जाता है।
Beating Retreat का इतिहास
“Beating Retreat” की परंपरा ब्रिटिश सेना से आई है
पुराने समय में शाम को ढोल बजाकर सैनिकों को यह संकेत दिया जाता था कि:
लड़ाई रोक दी जाए
हथियार समेट लिए जाएँ
सैनिक अपने शिविरों में लौट जाएँ
भारत ने आज़ादी के बाद इस परंपरा को सांस्कृतिक और सम्मान समारोह के रूप में अपनाया।
Beating Retreat कब और कहाँ होता है?
📅 तारीख: 29 जनवरी
📍 स्थान: विजय चौक, नई दिल्ली
🕕 समय: शाम के समय
Beating Retreat समारोह में क्या होता है?
1. सैन्य बैंड की प्रस्तुति
भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के बैंड
देशभक्ति और शास्त्रीय धुनें बजाई जाती हैं
2. प्रसिद्ध धुनें
कुछ लोकप्रिय धुनें:
सारे जहाँ से अच्छा
ऐ मेरे वतन के लोगों
अबाइड विद मी (महात्मा गांधी की प्रिय धुन)
3. राष्ट्रपति की उपस्थिति
भारत के राष्ट्रपति मुख्य अतिथि होते हैं
राष्ट्रपति के जाते ही समारोह समाप्त होता है
4. रोशनी का आकर्षण
राष्ट्रपति भवन, नॉर्थ और साउथ ब्लॉक
विशेष लाइटिंग से पूरा क्षेत्र जगमगा उठता है
Beating Retreat का महत्व
गणतंत्र दिवस समारोह का औपचारिक समापन
भारतीय सेनाओं की अनुशासन और एकता का प्रतीक
देश की सैन्य परंपरा और संस्कृति को सम्मान
शांतिपूर्ण शक्ति का संदेश
Republic Day से Beating Retreat का संबंध
दिन
कार्यक्रम
26 जनवरी
गणतंत्र दिवस परेड
27–28 जनवरी
विभिन्न सांस्कृतिक आयोजन
29 जनवरी
Beating Retreat (समापन समारोह)
सरल शब्दों में
Beating Retreat
= गणतंत्र दिवस का सम्मानपूर्वक विदाई समारोह
= संगीत, अनुशासन और परंपरा का संगम
निष्कर्ष
Beating Retreat भारत की सैन्य परंपरा, देशभक्ति और गरिमा का प्रतीक है।
यह हमें याद दिलाता है कि भारत की ताकत केवल हथियारों में नहीं, बल्कि अनुशासन, शांति और संस्कृति में भी है। #Educational


