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#मेरी हृदय मेरी माँ
मेरी हृदय मेरी माँ - विवेक का जागरण तभी होता है जब इन्द्रियाँ स्वामी नहीं, साधन बनती हैं मन निर्देशन में आता है और चेतना साक्षीभाव में स्थिर होती है तभी वही कर्म योग बनता है बंधन नहीं , সু্নি प्रक्रिया है। विवेक का जागरण तभी होता है जब इन्द्रियाँ स्वामी नहीं, साधन बनती हैं मन निर्देशन में आता है और चेतना साक्षीभाव में स्थिर होती है तभी वही कर्म योग बनता है बंधन नहीं , সু্নি प्रक्रिया है। - ShareChat