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#जगत गुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज #💓 मोहब्बत दिल से #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇
जगत गुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज - कबीर औच्चााछ्ञानिकबरका সান ব্রূমীত दोहा : जो तू बामन बामनी जाया, तो आन बाट काहे न आया। जो तू तुरक तुरकनी जाया, तो भीतर खतना काहे न पाया।I अर्थ : कबीर जी कहते हैं कि अगर कोई व्यक्ति खुद को ब्राह्मण या किसी ऊँची जाति में जन्मा हुआ कहता है, तो वह किसी अलग रास्ते से क्यों नहीं आया? और अगर कोई खुद को मुसलमान कहता है तो उसके जन्म से ही वह पहचान क्यों नहीं दिखाई देती? इस दोहे का संदेश है कि मनुष्य की पहचान उसकी जाति या धर्म से नहीं बल्कि उसके कर्म और व्यिबहार से होती हैI२Z कबीर औच्चााछ्ञानिकबरका সান ব্রূমীত दोहा : जो तू बामन बामनी जाया, तो आन बाट काहे न आया। जो तू तुरक तुरकनी जाया, तो भीतर खतना काहे न पाया।I अर्थ : कबीर जी कहते हैं कि अगर कोई व्यक्ति खुद को ब्राह्मण या किसी ऊँची जाति में जन्मा हुआ कहता है, तो वह किसी अलग रास्ते से क्यों नहीं आया? और अगर कोई खुद को मुसलमान कहता है तो उसके जन्म से ही वह पहचान क्यों नहीं दिखाई देती? इस दोहे का संदेश है कि मनुष्य की पहचान उसकी जाति या धर्म से नहीं बल्कि उसके कर्म और व्यिबहार से होती हैI२Z - ShareChat