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#वायरल न्यूज #news #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख #✍️ जीवन में बदलाव #👫 हमारी ज़िन्दगी
वायरल न्यूज - बेंगलुरू में रहने वाले युवक ने ट्वीट कर कहा - अकेलेपन में जी रहा हूं २४ साल का इंजीनियर , ५८ लाख सैलरी, पूछ रहा- कैसे पाऊं gரி कि वे ऐसी ही जिंदगी से गुजर रहे हैं ಣೆ'ತ ' एजेंती | बेंगलुरू  ஈ### 78 पैसा है। सुख सुविधाएं हैं लेकिन  मैं २४ साल का सॉफ्टवेयर इंजीनियर हूं॰ मेरा   कई ने जिम जाने से लेकर _ सैलरी पैकेज ५८ लाख रुपए का है। काम का भी   कई कोशिशें भी की॰ लेकिन खुशी नहीं मिली। अबु इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है कि क्या वास्तव में बेंगलुरू कोई तनाव नहीं है। जैसे शहर में सारी सुविधाओं के साथ रह रहा हू। लेकन मैं अकेला   पैसे से खुशी खरीदी जा सकती है। इस बारे में कई कहते हैं कि खुश अलग-्अलग रिसर्च हैं इलागके लिए पैसार्जरूँरी ढृँतो कुछ क पड़ गया हूं| मेरे सभी दोस्त अपनी जिंदगी में व्यस्त कहना है #59 हैं। मेरी कोई गर्लफ्रेंड भी नहीं है, जिससे  शेयर कर सकूं। मै अकेलेपन से परेशन हूं एक ही   कि पैसों से खूशी नहीं खरीदी जा सकती।  यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवेनिया में आय और  की जिंदगी से बोर हो गया हूं। मैंने इसी कंपनी  76 खुशी को लेकर एक शोध् हुई। यह शोध करने वाले से काम शुरू किया था। यहां से छोड़कर दूसरी  व्हॅर्टन स्कूल के वरिष्ठ फेलो किलिंग्सवॉर्थ कहते जगह जाने को हिम्मत भी नहीं होती। नए चैलैंज ಔಕಣ ಕೈರೆಪಾಣಾಕೆ ತಗೆೈಿಸೆಕಕಕಗಗಕೊ ` हैं- समृद्धि के साथ खुशी बढ़ती है लेकिन भी बहुत ज्यादा खुशी नहीं देता। ज्यादा पैसा چا दूसरे शोध में कहा गया है कि परिवार " आईटी प्रोफेशनल ने अपना दर्द ट्विट किया साधन हैं जिन्हें   का साथ ही इंसान को खुश खता है। इंसान एक पास सुख के वे सारे _ है। उसके सामाजिक प्राणी है। इसलिए वह किसी भी सुख- पाने के बाद लोगोँ को लगता है कि वे खुश रहेंगें  सुविधा का अकेले खुश नहीं रह सकता। उसके ट्विट करने के बाद कई लोगों का कहना है बेंगलुरू में रहने वाले युवक ने ट्वीट कर कहा - अकेलेपन में जी रहा हूं २४ साल का इंजीनियर , ५८ लाख सैलरी, पूछ रहा- कैसे पाऊं gரி कि वे ऐसी ही जिंदगी से गुजर रहे हैं ಣೆ'ತ ' एजेंती | बेंगलुरू  ஈ### 78 पैसा है। सुख सुविधाएं हैं लेकिन  मैं २४ साल का सॉफ्टवेयर इंजीनियर हूं॰ मेरा   कई ने जिम जाने से लेकर _ सैलरी पैकेज ५८ लाख रुपए का है। काम का भी   कई कोशिशें भी की॰ लेकिन खुशी नहीं मिली। अबु इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है कि क्या वास्तव में बेंगलुरू कोई तनाव नहीं है। जैसे शहर में सारी सुविधाओं के साथ रह रहा हू। लेकन मैं अकेला   पैसे से खुशी खरीदी जा सकती है। इस बारे में कई कहते हैं कि खुश अलग-्अलग रिसर्च हैं इलागके लिए पैसार्जरूँरी ढृँतो कुछ क पड़ गया हूं| मेरे सभी दोस्त अपनी जिंदगी में व्यस्त कहना है #59 हैं। मेरी कोई गर्लफ्रेंड भी नहीं है, जिससे  शेयर कर सकूं। मै अकेलेपन से परेशन हूं एक ही   कि पैसों से खूशी नहीं खरीदी जा सकती।  यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवेनिया में आय और  की जिंदगी से बोर हो गया हूं। मैंने इसी कंपनी  76 खुशी को लेकर एक शोध् हुई। यह शोध करने वाले से काम शुरू किया था। यहां से छोड़कर दूसरी  व्हॅर्टन स्कूल के वरिष्ठ फेलो किलिंग्सवॉर्थ कहते जगह जाने को हिम्मत भी नहीं होती। नए चैलैंज ಔಕಣ ಕೈರೆಪಾಣಾಕೆ ತಗೆೈಿಸೆಕಕಕಗಗಕೊ ` हैं- समृद्धि के साथ खुशी बढ़ती है लेकिन भी बहुत ज्यादा खुशी नहीं देता। ज्यादा पैसा چا दूसरे शोध में कहा गया है कि परिवार " आईटी प्रोफेशनल ने अपना दर्द ट्विट किया साधन हैं जिन्हें   का साथ ही इंसान को खुश खता है। इंसान एक पास सुख के वे सारे _ है। उसके सामाजिक प्राणी है। इसलिए वह किसी भी सुख- पाने के बाद लोगोँ को लगता है कि वे खुश रहेंगें  सुविधा का अकेले खुश नहीं रह सकता। उसके ट्विट करने के बाद कई लोगों का कहना है - ShareChat