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#❤️अस्सलामु अलैकुम
❤️अस्सलामु अलैकुम - ShareChat रमज़ान और BSO9a माहौल घरका रमज़ान घरों को बदल देता है। 1 टीवी से ज़्यादा कुरआन खुलता है। 2 ३. नमाज़ मिलकर पढी जाती है। दुआ में सबका नाम होता है। 4. ५. झगड़े अपने आप कम हो जाते हैं। ६. सुकून घर में उतर आता है। ७. बच्चों को रमज़ान प्यारा लगता है। और इफ़्तार यादें बन जाते हैं। 8. सहरी घर जन्नत जैसा लगता है। 9 जोड़ १०. रमज़ान रिश्तों को देता है ShareChat रमज़ान और BSO9a माहौल घरका रमज़ान घरों को बदल देता है। 1 टीवी से ज़्यादा कुरआन खुलता है। 2 ३. नमाज़ मिलकर पढी जाती है। दुआ में सबका नाम होता है। 4. ५. झगड़े अपने आप कम हो जाते हैं। ६. सुकून घर में उतर आता है। ७. बच्चों को रमज़ान प्यारा लगता है। और इफ़्तार यादें बन जाते हैं। 8. सहरी घर जन्नत जैसा लगता है। 9 जोड़ १०. रमज़ान रिश्तों को देता है - ShareChat